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1. धौति :- धौति के मुख्य चार भाग माने गए हैं । और आगे उनके भागों के भी विभाग किये जाने से उनकी कुल संख्या 13 हो जाती है ।

धौति के चार प्रकार :-

(1) अन्तर्धौति

(2) दन्त धौति

(3) हृद्धधौति

(4) मूलशोधन ।


(1) अन्तर्धौति के प्रकार :-


(1.1) वातसार धौति


(1.2) वारिसार धौति


(1.3) अग्निसार धौति


(1.4) बहिष्कृत धौति ।


(2) दन्तधौति के प्रकार :-


(2.1) दन्तमूल धौति


(2.2) जिह्वाशोधन धौति


(2.3 & 2.4) कर्णरन्ध्र धौति (दोनों कानों से)


(2.5) कपालरन्ध्र धौति ।


(3) हृद्धधौति के प्रकार :-


(3.1) दण्ड धौति


(3.2) वमन धौति

(3.3) वस्त्र धौति ।


(4) मूलशोधन :- मूलशोधन धौति के अन्य कोई भाग नहीं किए गए हैं ।


             फ़ायदा


1. धौति :- धौति क्रिया से हमारा पाचनतंत्र मजबूत होता हैं । आहार नलिका की सफाई होती है । और पाचनतंत्र से सम्बंधित रोग जैसे कि कब्ज, अपच, अम्लता ( एसिडिटी ) व कफ रोग आदि समाप्त होते हैं ।


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 Last Date Modified

2024-01-15 15:51:11

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